ऐ ख़ुदा वो सुबह
न दिखाना कभी
जो गम का पैगाम लाए,
ऐ ख़ुदा वो सुबह
न दिखाना कभी
जो मेरे ख्याल लूट ले जाए,
ऐ ख़ुदा वो सुबह
न दिखाना कभी
जो मुझे शब्दहीन बना जाए,
ऐ ख़ुदा वो सुबह
न दिखाना कभी
जो मुझे मेरी राह से भटकाए,
ऐ ख़ुदा वो सुबह
न दिखाना कभी
जो मुझे मेरे कर्तव्यों से डिगाए
ऐ ख़ुदा वो सुबह
न दिखाना कभी
जब मेरा गोविन्द मुझसे रूठ जाए..........
✍️प्रभा (कनिका)

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