ये कलयुग हैं
ये अंधी श्रद्धा का युग हैं,
अंधी-श्रद्धा अंधी-भक्ति
पल पल फल-फूल रही हैं,
भूल के ईश्वर तत्व को
भक्ति दिखावे से जूँझ रही हैं,
इंसानी चमत्कारो की आहुति
चढ़ा हैं ईश्वर का चमत्कार,
प्रकृति से बड़ा कोई चमत्कार नहीं
यह भूल बैठा इंसान,
ये कलयुग हैं
ये अंधी श्रद्धा का युग हैं..................
✍️ प्रभा (कनिका )

Nice y....are very Talented..kanika ji
ReplyDelete🙏शुक्रिया 🙏
ReplyDelete